ED Raid on Sandeep Ghosh : कोलकाता रेप-मर्डर मामले से संबंधित आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले में ED ने आज (गुरुवार) पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के पिता के घर सहित कई ठिकानों पर रेड मारी है। कोलकाता में वित्तीय निगरानी संस्था ने 4 जगहों पर छापेमारी की है। उनमें से दो ठिकाने आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के हैं। ED संदीप घोष के दो फ्लैट्स पर पर तलाशी ले रही है।
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इसके अलावे जांच एजेंसी दो अन्य जगहों पर भी छापेमारी कर रही है। यह जगहें शहर के लेकटाउन और ताला इलाके में हैं, जहां एक मेडिकल आपूर्तिकर्ता का कार्यालय और एक मेडिकल आपूर्ति विक्रेता का आवास स्थित है।
बता दें पिछले दिनों ईडी ने इसी मामले में सूबे के हावड़ा, सोनारपुर और हुगली में कई जगहों पर छापेमारी की थी। करीब दो हफ्ते पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसमें 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या की जांच के सिलसिले में डॉ. संदीप घोष का नाम शामिल है। एफआईआर में सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में वित्तीय हेरफेर के संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के साथ-साथ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और बेईमानी का आरोप लगाया है।
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19 अगस्त को एफआईआर और 2 सितंबर को गिरफ्तार
बता दें कि डॉ. संदीप घोष, फरवरी 2021 से सितंबर 2023 तक आरजी कर अस्पताल के प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत थे। हालांकि, उनका अक्टूबर 2023 में ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने एक महीने के अंदर ही हॉस्पिटल में अपनी भूमिका फिर से शुरू कर दी थी। वो ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए क्रूर रेप और हत्या के दिन तक इस पद पर बने रहे थे।
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2 सितंबर को सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में डॉ. घोष को गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें जांच एजेंसी की हिरासत में लिया था। कोलकाता पुलिस ने 19 अगस्त को संदीप घोष के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 24 अगस्त को जांच अपने हाथ में ली थी। इन्ही धाराओं के तहत ही संदीप घोष को गिरफ्तार किया गया था।




