नई दिल्ली। दूसरी तिमाही में सुस्त पड़ी जीडीपी को लेकर तीसरी तिमाही में सुधार की पूरी संभावना जताई है। ये खबर इंडियन इंकोनॉमी के लिए काफी अहम है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक भारत की सकल घरेलू उत्पाद 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है, जो कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही का है। रेटिंग एजेंसी ने इसका कारण असमान उपभोग के बीच बढ़े हुए सरकारी खर्च को बताया है। अप्रैल-जून में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही, लेकिन आम चुनावों के कारण सरकार के पूंजीगत व्यय में कमी तथा कमजोर उपभोग मांग के कारण सितंबर तिमाही में यह धीमी होकर सात तिमाहियों के निम्नतम स्तर 5.4 प्रतिशत पर आ गई थी।
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28 फरवरी को आएा अनुमान
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 28 फरवरी को अक्टूबर-दिसंबर के वृद्धि अनुमान जारी करेगा। यह चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी करेगा। जनवरी में जारी पहले अग्रिम अनुमानों में एनएसओ ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जो चार साल का सबसे निचला स्तर है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को उम्मीद है कि वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहेगी। इक्रा ने बयान में कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर तीसरी तिमाही में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो दूसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत थी। असमान उपभोग के बीच बढ़े हुए सरकारी खर्च से इसे लाभ मिलेगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि तीसरी तिमाही में भारत की निवेश गतिविधि में सुधार हुआ है, जैसा कि दूसरी तिमाही की तुलना में कई निवेश-संबंधी संकेतकों में सालाना आधार पर वृद्धि में तेजी से परिलक्षित होता है।




