रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली कर्मियों के संगठन के प्रस्तावित एक दिवसीय सामूहिक अवकाश और विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है, जिसे श्रम न्यायालय ने अवैध घोषित कर दिया है। न्यायालय ने 7 मार्च को जारी किए गए आदेश में 10 मार्च के प्रस्तावित सामूहिक अवकाश और 17 मार्च से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी है।
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छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस फैसले के लिए श्रम न्यायालय में अपील की थी, जिसमें कहा गया था कि इस हड़ताल से विद्युत आपूर्ति प्रभावित होगी और सामान्य जनजीवन में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो अपूरणीय क्षति का कारण बन सकती हैं।
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इससे यह स्पष्ट होता है कि श्रम न्यायालय ने विद्युत आपूर्ति और जनजीवन को प्रभावित करने वाली संभावित हड़ताल के खिलाफ कदम उठाया है, ताकि आम लोगों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।




