CGMSC scam case: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने CGMSC घोटाले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला लगभग 660 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। यह घोटाला 2021 में मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुआ था, जहां आरोप है कि बिना जरूरत का सही आंकलन किए उपकरण खरीदे गए।
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CGMSC scam case: मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मोक्षित कॉर्पोरेशन, रिकॉर्ड्स, मेडिकेयर सिस्टम, और श्री शारदा इंडस्ट्रीज तथा सीबी कॉर्पोरेशन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कांग्रेस शासनकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के CGMSC ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के राजकोष को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस संबंध में भारतीय लेखा एवं लेखापरीक्षा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) यशवंत कुमार ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार पिंगआ को पत्र लिखा था।
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दो साल के ऑडिट में खुली पोल
CGMSC scam case: लेखा परीक्षा की टीम द्वारा किए गए ऑडिट में पता चला कि CGMSC ने बिना बजट आवंटन के 660 करोड़ रुपये की खरीदी की थी। पिछले दो सालों में अधिक केमिकल और उपकरण खरीदे गए, जिन्हें खपाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया।
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इसके अलावा, प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में बिना आवश्यकता के सप्लाई की गई, जिनमें से 350 से अधिक केन्द्र ऐसे थे, जहां कोई तकनीकी, जनशक्ति और भंडारण सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऑडिट टीम ने बताया कि DHS ने स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए बेसलाइन सर्वेक्षण और अंतर विश्लेषण किए बिना ही उपकरणों की मांग पत्र जारी किए थे।




