नई दिल्ली. अनुराग कश्यप फिल्म ‘फुले’ की रिलीज पर लगी रोक को लेकर नाराज नजर हैं. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए नाराजगी भी जताई.प्रतीक गांधी और पत्रलेखा स्टारर फिल्म ‘फुले’समाज सुधारक जोड़ी ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के जीवन पर आधारित है, जिस पर ब्राह्मण समुदाय द्वारा आपत्ति जाहिर करने के बाद इसकी रिलीज को टाल दिया गया है. इसी बीच अनुराग कश्यप ने एक जाति विशेष को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणी कीं. अब इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के एक वकील ने अनुराग कश्यप के खिलाफ मुंबई पुलिस में आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज करा दी है.हालांकि बढ़ते विवाद के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर माफी मांगते हुए अपना पक्ष रखा है.
फिल्म की रिलीज पर लगी रोक और ब्राह्मण समुदाय द्वारा फिल्म पर आपत्ति जाहिर करने को लेकर अनुराग कश्यप ने सेंसर बोर्ड ऑफ सर्टिफिकेशन यानी CBFC को लेकर एक पोस्ट लिखी, जिसने एक नया ही विवाद खड़ा कर दिया. सोशल मीडिया यूजर्स और ब्राह्मण के सदस्यों ने इसे अपमानजनक और भड़काऊ करार दिया.
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ब्राह्मणों पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
अपने पोस्ट में अनुराग कश्यप ब्राह्मण समुदाय पर जमकर बरसे और कॉन्ट्रोवर्शियल बयान देते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया. जब यूजर उनके इस पोस्ट को लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे तो उन्होंने ‘ब्राह्मणों पर पेशाब’ करने तक की बात कह दी. डायरेक्टर के इस कॉमेंट के बाद विवाद और भी ज्यादा गहरा गया. ऐसे में अब उन्होंने इस पर माफी मांगते हुए सफाई पेश की है.
अनुराग कश्यप ने लिखी ये बातें
अनुराग कश्यप ने माफीनामा लिखते हुए अपनी पोस्ट में लिखा- ‘यह मेरी माफी है, मेरी पोस्ट के लिए नहीं बल्कि उस एक पंक्ति के लिए जिसे संदर्भ से बाहर निकाल दिया गया और जो नफरत पैदा कर रही है. कोई भी काम या भाषण इस लायक नहीं है कि आपकी बेटी, परिवार, दोस्त और सहकर्मियों को संस्कार के सरगनाओं से बलात्कार और मौत की धमकियां मिलें. उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा- ‘सो कही हुई बात वापस नहीं ली जा सकती और ना ही लूंगा लेकिन मुझे जो गाली देना है दो, मेरे परिवार ने ना कुछ कहा है और ना ही कहता है. इसलिए अगर मुझसे माफी ही चाहिए तो मैं माफी मांगता हूं. ब्राह्मण लोग, औरतों को बक्श दो, इतना संस्कार तो शास्त्रों में भी है और मनुवाद में नहीं है.आप कौन से ब्राह्मण हो तय कर लो, बाकी मेरी तरफ से माफी.’
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला शुरू हुआ फिल्म ‘फुले’ के ट्रेलर रिलीज के साथ.डायरेक्टर अनंथ महादेवन की ये फिल्म ‘ज्योतिबा फुले’ की जिंदगी की कहानी बताती है. ज्योतिबा फुले समाज सुधारक थे, जिन्होंने 19वीं सदी में लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया. हाल ही में उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म ‘फुले’ का ट्रेलर रिलीज हुआ था. जिसका विरोध भी देखने को मिला. फिल्म की रिलीज से पहले ही महाराष्ट्र के ब्राह्मण समुदाय ने नाराजगी दर्ज कराई गई, जिसके बाद फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ाना पड़ा था. ब्राह्मणों की तरफ से आरोप लगाया है कि किरदारों का गलत चित्रण किया गया है.




