गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की प्रतिमा को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद अब शांत हो गया है।
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इस विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के अध्यक्षअमित जोगी धरने पर बैठे थे, लेकिन रविवार को स्थानीय प्रशासन के साथ लिखित समझौता होने के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया और अपने घर लौट गए
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विवाद उस चबूतरे को लेकर था, जिस पर अजीत जोगी की प्रतिमा स्थापित की जानी थी। हालांकि प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए फिलहाल चबूतरे पर प्रतिमा लगाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद जोगी समर्थकों ने चबूतरे से सटी जमीन पर ही प्रतिमा की स्थापना कर दी।
समझौते के अनुसार, प्रतिमा अब प्रशासन के संरक्षण में रहेगी और जब तक नगरीय प्रशासन के सभी कानूनी एवं तकनीकी नियम पूरे नहीं हो जाते, तब तक चबूतरे पर स्थापना नहीं की जाएगी। इस सहमति के साथ ही लंबे समय से जारी गतिरोध समाप्त हो गया है और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।




