गरियाबंद। जिले के फिंगेश्वर नगर में ट्रांसफार्मर पर डीओ (ड्रॉपआउट फ्यूज) लगाने के दौरान एक ठेका श्रमिक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। 28 वर्षीय वेद राम साहू सेंदर नामक युवक के दोनों पैरों में घुटनों के नीचे से चिंगारी और धुआं उठता देखा गया।
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हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल वेद राम को साथी कर्मचारी फिंगेश्वर अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे रायपुर के कालड़ा बर्न हॉस्पिटल रेफर किया गया। डॉक्टर विपिन लहरे ने बताया कि युवक के दोनों पैर बुरी तरह झुलस चुके हैं और सिर में भी गंभीर चोट का अंदेशा है। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्य बिना किसी तकनीकी अनुमति या सुरक्षा इंतजाम के किया जा रहा था। न वेद राम विभागीय कर्मचारी हैं और न ही प्रशिक्षित, इसके बावजूद उन्हें ट्रांसफार्मर पर चढ़ाया गया। हादसे के वक्त ट्रांसफार्मर में अचानक 33 केवी की सप्लाई चालू हो गई थी। यह लापरवाही न सिर्फ श्रमिक की जान पर भारी पड़ी, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।




