बिलासपुर। जिले में कोरोना संक्रमण फिर से दस्तक देने लगा है। बीते एक सप्ताह में अब तक 10 नए संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि शुक्रवार को एक ही दिन में चार नए केस मिले, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं थी। स्थिति तब सामने आई जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पांडेय 4 जून को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद 5 जून को प्रशासन द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें जिले में कोरोना केस न होने का दावा किया गया, जो गलत साबित हुआ।
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जानकारी के अनुसार, समर वेकेशन के दौरान जस्टिस पांडेय छुट्टी मनाने बाहर गए थे। लौटने के बाद तबीयत खराब होने पर उन्होंने अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया, जिसमें वे संक्रमित पाए गए। फिलहाल वे होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही से संक्रमण के और फैलने का खतरा बढ़ गया है। रायपुर से संक्रमण की पुष्टि होने के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की अनभिज्ञता चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सतर्कता न बरती गई तो जिले में कोरोना की वापसी एक गंभीर चुनौती बन सकती है।
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