रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी मूल के दंपत्ति मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों की माने तो टिकरापारा पुलिस ने ही दंपत्ति का पासपोर्ट के लिए पुलिस वैरिफिकेशन किया है। ऐसे में टिकरापारा थाना पुलिस को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि एटीएस ने पूरे मामले का राजफाश किया है।
एटीएस ने दबोचा बांग्लादेशी दंपत्ति
टिकरापारा इलाके से गिरफ्त में आए बांग्लादेशी दंपत्ति धरमनगर इलाके में अवैध रूप से रह रहे थे। एटीएस ने बांग्लादेशी दिलावर खान, उसकी पत्नी परवीन और बेटी को गिरफ्तार कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया था। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 18 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के पहले दिन पुलिस और एटीएस की टीमों ने उनसे लंबी पूछताछ की।
कबूलनामें के बाद टीमें रवाना
पूछताछ में दिलावर ने कबूल किया कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में घुसा था और चार साल तक कोलकाता में रहा। दिलावर की पत्नी परवीन का दावा है कि वह बांग्लादेशी नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल, कोलकाता की मूल निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि भारत आने के बाद उसकी शादी दिलावर से हुई थी। इस दावे की पुष्टि के लिए पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई है।
दिलावर ने बताया कि वह पहले आठ साल तक छत्तीसगढ़ नगर इलाके में किराए पर रहा और बाद में धरमनगर में आकर स्थायी रूप से रहने लगा। जानकारी के मुताबिक उसकी पत्नी बंगाल की रहने वाली है, लेकिन पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही। साथ ही पासपोर्ट की भी जानकारी हासिल कर रही।
पासपोर्ट का वैरिफिकेशन जांच के घेरे में
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दिलावर ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ टिकरापारा थाने में पासपोर्ट बनवाया था और पुलिस वेरिफिकेशन भी इसी थाने से हुआ था। गौरतलब है कि पासपोर्ट प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सख्त थी, फिर भी दस्तावेज बन जाना पुलिस और पासपोर्ट कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे। फिलहाल पुलिस की टीम बंगाल और एमपी के लिए रवाना हो रही है।
बंगाल और एमपी के लिए क्राइम की टीम हो रही रवाना
सूत्रों के अनुसार दिलावर रायपुर में स्थायी रूप से बसने की योजना बना रहा था और एक सस्ते मकान या जमीन की तलाश में था। लॉकडाउन के दौरान उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई, जिससे उसकी योजना अधूरी रह गई। पुलिस को यह भी पता चला है कि दिलावर ने अपनी 8वीं कक्षा की फर्जी अंकसूची रीवा जिले के त्योंथर से बनवाई है। इस सिलसिले में एक टीम त्योंथर और बंगाल भेजी जा रही है। क्योंकि बांग्लादेश से भारत में एंट्री लेने के बाद काफी समय दिलावर ने पश्चिम बंगाल में बिताया।




