बिलासपुर। High Court News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हत्या के एक मामले में जेल में बंद कैदी की मौत को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य शासन से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। परिजनों ने याचिका में आरोप लगाया है कि यह हिरासत में हुई हत्या का मामला है, क्योंकि मृत कैदी के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
मामला महासमुंद जिले के ग्राम पिपरौद निवासी नीरज भोई से जुड़ा है, जिसे महासमुंद पुलिस ने 12 अगस्त को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा था। जेल पहुंचने के बाद चिकित्सक डॉ. संजय दावे द्वारा किए गए मेडिकल परीक्षण में नीरज को डिप्रेशन और क्रोनिक एल्कोहलिक का मरीज पाया गया।
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High Court News: बताया गया है कि नशे का आदी होने के चलते नीरज ने अगले ही दिन असामान्य व्यवहार करना शुरू कर दिया। इस पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कर दवाइयां दी गईं, लेकिन उसकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। 15 अगस्त की सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
High Court News: परिजनों ने शव का परीक्षण कराने के बाद गंभीर चोटों के निशान का हवाला देते हुए इस मौत को संदिग्ध करार दिया है। उनका आरोप है कि नीरज की मौत सामान्य नहीं, बल्कि हिरासत में की गई प्रताड़ना के चलते हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने शासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।




