नई दिल्ली।
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हूती विद्रोहियों के पास कुछ लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन हैं, जो इज़रायल पर छिटपुट हमले करने में सक्षम हैं. उनकी कुछ मिसाइलें, जैसे पैलेस्टाइन-2, इज़रायल की रक्षा प्रणालियों को चुनौती दे सकती हैं, लेकिन उनकी सीमित संख्या, पुरानी तकनीक और आर्थिक कमजोरी उन्हें इज़रायल के खिलाफ लंबे समय तक टिकने में असमर्थ बनाती है.
हूती विद्रोही, जिन्हें आधिकारिक तौर पर अंसार अल्लाह के नाम से जाना जाता है, यमन में एक ईरान समर्थित सशस्त्र समूह है जो उत्तरी और पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है. 2023 में इज़रायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद, हूती विद्रोहियों ने इज़रायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. सवाल यह है कि क्या उनके पास इज़रायल जैसे सैन्य रूप से शक्तिशाली देश का सामना करने के लिए पर्याप्त हथियार हैं?
हूती विद्रोहियों का हथियार भंडार मुख्य रूप से ईरान से प्राप्त समर्थन पर निर्भर करता है, साथ ही कुछ हद तक उत्तर कोरिया और रूस जैसे देशों से भी हथियार मिलते हैं. उनकी सैन्य क्षमता में मिसाइलें, ड्रोन और अन्य हथियार शामिल हैं. नीचे उनके प्रमुख हथियारों की जानकारी दी गई है…
1. बैलिस्टिक मिसाइलें
तूफान (Toufan): यह एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 1800 किमी है. यह ईरान की गद्र मिसाइल का एक रूप है.
ज़ुल्फिकार (Zulfiqar): यह एक स्कड मिसाइल का प्रकार है, जिसकी रेंज 1400 किमी है. इसकी रेंज को 2000 किमी तक बढ़ाया गया है, जिससे यह इज़रायल तक पहुंच सकती है.
कुद्स-2 (Quds-2): यह मिसाइल विशेष रूप से इज़रायल को निशाना बनाने के लिए बनाई गई है, जिसकी रेंज 1350 किमी है.
पैलेस्टाइन-2 (Palestine-2): हूती दावा करते हैं कि यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है. इसकी रेंज 2150 किमी और गति ध्वनि से 16 गुना अधिक है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ा-चढ़ाकर किया गया दावा है, क्योंकि केवल कुछ देशों (जैसे अमेरिका, रूस, चीन) के पास हाइपरसोनिक तकनीक है. यह मिसाइल ईरान की फतह मिसाइल से मिलती-जुलती है.
अन्य मिसाइलें: हूती विद्रोहियों के पास स्कड-बी, स्कड-सी, ह्वासॉन्ग, तोचका, काहेर-1 और ज़ेलज़ाल-3 जैसी मिसाइलें भी हैं, जो ज्यादातर यमनी सेना से हासिल की गई हैं या ईरान से प्राप्त हुई हैं.




