रायपुर। छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर सियासी गर्मी बढ़ गई है। भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक एआई वीडियो साझा कर कांग्रेस सरकार पर प्रदेश में घुसपैठियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। पोस्ट में लिखा गया, “सुशासन की सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों को अब छत्तीसगढ़ से सीधे बांग्लादेश डिपोर्ट करेगी।”
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इससे पहले मंगलवार को विधानसभा में भाजपा विधायकों अजय चंद्राकर, धरमजीत सिंह और भावना बोहरा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा जोरशोर से उठाया। अजय चंद्राकर ने दावा किया कि प्रदेश में *करीब 5 हजार बांग्लादेशी घुसपैठिए* रह रहे हैं, जो *आधार कार्ड, राशन कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों* के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने डिटेंशन सेंटर की मांग भी की।
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विधायक धरमजीत सिंह ने *रोहिंग्या मुसलमानों को चिन्हित* करने की मांग की, वहीं भावना बोहरा ने दस्तावेजों की गहन जांच का आग्रह किया। विधायक सुशांत शुक्ला ने बेलतरा क्षेत्र में बंगाली भाषा बोलने वाले बाहरी लोगों पर *आदिवासी जमीन कब्जाने* और *अनैतिक गतिविधियों* में लिप्त होने का आरोप लगाया। राजेश मूणत ने रायपुर के संजय नगर और टिकरापारा में बीएसयूपी मकानों में बाहरी लोगों के बसने की बात कही।
**गृह मंत्री विजय शर्मा** ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक *19 मामलों में एफआईआर दर्ज* हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डिटेंशन सेंटर की आवश्यकता नहीं है, लेकिन रायपुर में *100 सीटर बोर्डिंग सेंटर* बनाया जाएगा, जहां चिन्हित घुसपैठियों को रखकर *बीएसएफ के हवाले* किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन हो चुका है और *एम-आधार ऐप* के जरिए संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है।
अजय चंद्राकर ने पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि *महामाया पहाड़ी पर कब्जा हो चुका है*, और पश्चिम बंगाल “बांग्लादेश” जैसा बन गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि *चार राज्यों की सीमाएं पार कर घुसपैठिए छत्तीसगढ़ तक कैसे पहुंचे।*
गृह मंत्री ने “जय छत्तीसगढ़” अभियान की जानकारी देते हुए सभी विधायकों से इसमें जुड़ने का आग्रह किया और बताया कि टोल-फ्री नंबर जारी कर *जनता को सतर्क* किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ले सकता है।




