रायपुर,: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर सियासी तूफान का केंद्र बन गया है। रायपुर उत्तर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक पुरंदर मिश्रा के एक भड़काऊ बयान ने इस मुद्दे को और हवा दे दी है। शनिवार सुबह रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान मिश्रा ने धर्मांतरण को लेकर खुली धमकी दी। उन्होंने कहा, “जो प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराएगा, उसे मारपीट कर भगाया जाएगा। राम सेना के साथ अब हमारी जगन्नाथ सेना भी है। धर्म परिवर्तन कराने वालों को प्रदेश से मारपीट कर खदेड़ा जाएगा।” मिश्रा ने यह भी बताया कि जगन्नाथ सेना में हर क्षेत्र से एक प्रतिनिधि नियुक्त किया जाएगा, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मतांतरण की घटनाएं कम हैं, लेकिन अफवाहें ज्यादा फैलाई जा रही हैं।
इस बयान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखा हमला बोला है। बैज ने मिश्रा के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, “बीजेपी के पास पहले से ही बजरंग दल, आरएसएस, हिंदू सेना और न जाने कितनी संगठन हैं। क्या ये सब कम पड़ गए, जो अब भगवान जगन्नाथ के नाम पर नई सेना बनानी पड़ रही है?” उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस तरह की बयानबाजी और संगठनों के गठन के जरिए जनता का ध्यान असल मुद्दों जैसे बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य से भटकाना चाहती है। बैज ने कहा, “बीजेपी चाहे हजारों सेनाएं बना ले, जनता के सामने उनकी असलियत बेनकाब हो चुकी है।”
जानिए कब शुरू हुई बहस
धर्मांतरण का मुद्दा छत्तीसगढ़ में लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। बीजेपी ने पूर्व में कांग्रेस सरकार पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था, जिसका तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खंडन किया था। बघेल ने कहा था कि सबसे ज्यादा धर्मांतरण बीजेपी शासनकाल में हुए थे। वर्तमान में विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने धर्मांतरण के खिलाफ कड़े कानून लाने की बात कही है, और विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा भी हो चुकी है।




