जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़: चांपा थाना क्षेत्र में स्थित प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्लांट में 12 अप्रैल 2025 को हुए भीषण हादसे में दो लोगों की मौत और 13 श्रमिकों के घायल होने के मामले में जांजगीर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस हादसे में लापरवाही बरतने के आरोप में प्लांट के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा निरीक्षक ने कारखाना अधिनियम के उल्लंघन के लिए प्लांट प्रबंधन पर 8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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हादसे का विवरण
जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को सुबह 6 बजे फर्नेस में रॉ मटेरियल की चार्जिंग की गई थी। सुबह 8 बजे फर्नेस की इलेक्ट्रिकल केबल खराब होने के कारण हीटिंग प्रक्रिया बाधित हो गई। केबल की मरम्मत के बाद दोपहर 3:30 बजे फर्नेस को दोबारा चालू किया गया।
इस दौरान फर्नेस की ऊपरी सतह पर मोल्टन मेटल और स्लैग जम गया था। फर्नेस को दोबारा चालू करने पर जमे हुए मटेरियल को तोड़ने के लिए श्रमिक लोहे की रॉड से पोकिंग कर रहे थे।
इसी प्रक्रिया के दौरान फर्नेस से गर्म मेटल और गैस तेजी से बाहर निकली, जिसकी चपेट में आने से फ्लोर पर कार्यरत 13 श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से मैनेजर अनुप चतुर्वेदी सहित दो कर्मचारियों की मौत हो गई। घायल श्रमिकों में से चार की हालत गंभीर बताई गई थी, जिनमें से तीन को रायपुर के नारायणा अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस और औद्योगिक न्यायालय की कार्रवाई
हादसे की जांच के बाद औद्योगिक न्यायालय ने पाया कि प्लांट प्रबंधन ने जोखिमपूर्ण कार्य के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। कारखाना अधिनियम के तहत लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के लिए 14 अप्रैल 2025 को मामला दर्ज किया गया था। प्रबंधन का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर औद्योगिक न्यायालय ने 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जांजगीर पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार दो अधिकारियों, प्लांट इंचार्ज अमित केडिया और मैनेजर अनिल प्रसाद, को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ भादवि की धारा 106 (ए) (लापरवाही से मृत्यु), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही), और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।




