नई दिल्ली: व्हाट्सएप ने मंगलवार को नए सेफ्टी फीचर्स की घोषणा की, जो यूजर्स को साइबर ठगों से बचाने में मदद करेंगे। इन फीचर्स का उद्देश्य ग्रुप और इंडिविजुअल चैट्स में स्कैम्स को डिटेक्ट करना और यूजर्स को सुरक्षित रखना है। मेटा के स्वामित्व वाली इस मैसेजिंग कंपनी ने 2025 की पहली छमाही में 68 लाख से अधिक स्कैम से जुड़े अकाउंट्स को बंद करने की भी पुष्टि की है।
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सेफ्टी ओवरव्यू: ग्रुप चैट्स में सुरक्षा की नई परत
व्हाट्सएप का नया “सेफ्टी ओवरव्यू” फीचर ग्रुप चैट्स में यूजर्स को स्कैम्स से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह फीचर तब सक्रिय होता है, जब कोई अनजान व्यक्ति, जो आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में नहीं है, आपको किसी ग्रुप में जोड़ता है। इस फीचर के तहत:
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यूजर्स को एक इंटरस्टीशियल पेज दिखाई देगा, जिसमें ग्रुप की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे ग्रुप का निर्माण कब हुआ, किसने आपको आमंत्रित किया, और ग्रुप में कितने सदस्य हैं, प्रदर्शित होगी।
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सेफ्टी टिप्स के साथ सामान्य चेतावनियां भी दिखाई देंगी, ताकि यूजर्स को संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने में मदद मिले।
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यूजर्स ग्रुप की चैट देखे बिना ही उसे छोड़ सकते हैं। ग्रुप के नोटिफिकेशन्स तब तक म्यूट रहेंगे, जब तक यूजर ग्रुप में बने रहने का विकल्प नहीं चुनता।
यह फीचर पिछले साल जुलाई 2024 में पेश किए गए “कॉन्टेक्स्ट कार्ड” फीचर का उन्नत संस्करण है, जो विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों के लिए बनाया गया है।
इंडिविजुअल चैट्स के लिए नया अलर्ट सिस्टम
व्हाट्सएप इंडिविजुअल चैट्स के लिए भी एक नए अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रहा है। यह फीचर उन मामलों में सक्रिय होगा, जब कोई अनजान व्यक्ति, जो आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में नहीं है, आपसे चैट शुरू करने की कोशिश करेगा। इस अलर्ट के जरिए:
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यूजर्स को अनजान व्यक्ति के बारे में अतिरिक्त जानकारी पॉप-अप के रूप में दिखाई देगी, ताकि वे उसकी पहचान को वेरिफाई कर सकें।
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यह सुविधा खास तौर पर उन स्कैम्स को रोकने के लिए है, जहां ठग पहले अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स से संपर्क करते हैं और फिर बातचीत को व्हाट्सएप पर ले जाते हैं।
68 लाख अकाउंट्स पर कार्रवाई
व्हाट्सएप ने 2025 की पहली छमाही में 68 लाख से अधिक अकाउंट्स को बंद किया, जो साइबर ठगों और संगठित अपराध समूहों से जुड़े थे। कंपनी ने बताया कि इन अकाउंट्स को सक्रिय होने से पहले ही डिटेक्ट कर लिया गया था। स्कैम्स में फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश, पिरामिड स्कीम्स, और फर्जी नौकरी के ऑफर शामिल थे, जो अक्सर AI-जनरेटेड मैसेजेस का इस्तेमाल करके यूजर्स को फंसाने की कोशिश करते थे। मेटा और ओपनएआई के साथ मिलकर व्हाट्सएप ने कंबोडिया में एक बड़े स्कैम सेंटर को बंद करने में भी सफलता हासिल की।
यूजर्स के लिए सलाह
व्हाट्सएप ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे संदिग्ध मैसेजेस से सावधान रहें और निम्नलिखित कदम उठाएं:
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रुकें और सोचें: किसी भी मैसेज का जवाब देने से पहले यह जांचें कि वह विश्वसनीय है या नहीं। स्कैमर्स अक्सर जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए दबाव बनाते हैं।
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सवाल करें: अगर कोई ऑफर या अनुरोध बहुत अच्छा लगता है या संदिग्ध है, तो उसकी सत्यता पर सवाल उठाएं।
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वेरिफाई करें: अगर कोई मैसेज किसी परिचित या परिवार के सदस्य की ओर से होने का दावा करता है, तो उनकी पहचान को किसी अन्य माध्यम (जैसे फोन कॉल) से सत्यापित करें।
साइबर ठगी के खिलाफ मजबूत कदम
व्हाट्सएप की निदेशक (बाहरी मामले) क्लेयर डीवी ने कहा, “स्कैमर्स कई प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे वे हमारी डिटेक्शन सिस्टम्स के सामने भी ज्यादा उजागर होते हैं।” कंपनी का कहना है कि ये नए फीचर्स यूजर्स को सशक्त बनाएंगे और उनकी गोपनीयता को बनाए रखते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
व्हाट्सएप की यह पहल साइबर ठगी के बढ़ते खतरे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर भारत जैसे देशों में, जहां व्हाट्सएप के 2 अरब से अधिक यूजर्स में से बड़ी संख्या मौजूद है। यूजर्स से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत रिपोर्ट करें।




