कांकेर,: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आतुरगांव से एक अमानवीय और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने संरक्षित वन्यजीव अजगर को रस्सी से बांधकर मोटरसाइकिल से कई किलोमीटर तक घसीटा। इस क्रूरता का वीडियो 31 जुलाई की शाम को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
घटना का विवरण
वायरल वीडियो में देखा गया कि आतुरगांव निवासी सुरेश जैन एक जीवित अजगर को रस्सी से अपनी मोटरसाइकिल के पिछले हिस्से से बांधकर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर 3-4 किलोमीटर तक घसीट रहा था। यह घटना कांकेर जिले के जंगल के पास हुई, और कार सवार लोगों ने इस क्रूरता को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में अजगर को सड़क पर घसीटे जाने के दौरान उसकी पीड़ा साफ दिखाई दे रही थी। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे वन्यजीवों के प्रति क्रूरता का चरम बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरेश जैन ने दावा किया कि वह अजगर को गांव से दूर जंगल में छोड़ने के लिए ले जा रहा था ताकि यह किसी को नुकसान न पहुंचाए। हालांकि, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत इस तरह से किसी संरक्षित प्रजाति के जानवर को घसीटना या नुकसान पहुंचाना गैरकानूनी है, क्योंकि अजगर शेड्यूल 1 के तहत संरक्षित प्रजाति है।
वन विभाग और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर के वन मंडलाधिकारी (DFO) रौनक गोयल ने तत्काल जांच के आदेश दिए। वन विभाग की टीम ने वीडियो की सत्यता की पुष्टि की और पुलिस के सहयोग से 6 अगस्त को आरोपी सुरेश जैन को आतुरगांव से गिरफ्तार कर लिया। वन विभाग ने 5 अगस्त को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 (संरक्षित प्रजातियों का शिकार या नुकसान) और धारा 51 (दंडात्मक प्रावधान) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
गिरफ्तारी के बाद सुरेश जैन को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वन विभाग ने बताया कि अजगर की स्थिति की जांच की जा रही है, और यह स्पष्ट नहीं है कि घसीटे जाने के दौरान वह जीवित बचा या नहीं। वन अधिकारियों ने अजगर को जंगल में सुरक्षित छोड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसकी चोटों की गंभीरता का आकलन अभी जारी है।




