रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर में कुख्यात सूदखोर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस की याचिका पर कोर्ट ने उनकी संपत्ति कुर्की की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने रायपुर कलेक्टर को चार संपत्तियों की कुर्की के लिए प्रतिवेदन भेजा है, जिनमें तीन संपत्तियां वीरेंद्र तोमर और एक संपत्ति रोहित तोमर के नाम पर दर्ज हैं।
तोमर बंधु लंबे समय से अवैध सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और हथियारबाज़ी के मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। अब तक इनके खिलाफ 66 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इन पर आरोप है कि ये सूदखोरी के नाम पर लोगों से बेहिसाब ब्याज वसूलते थे और धमकाकर संपत्तियाँ हड़प लेते थे। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र और रोहित तोमर करीब 44 दिनों से फरार हैं। अदालत ने इन्हें पेश होने के लिए कई बार नोटिस भेजा, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुए। इसी वजह से अदालत ने उन्हें ‘फरार’ घोषित कर दिया और अब उनकी संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हालिया कार्रवाई
- कोर्ट का आदेश: रायपुर पुलिस की याचिका पर कोर्ट ने वीरेंद्र तोमर की 3 और रोहित तोमर की 1 संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है।
- नगर निगम की कार्रवाई: 27 जुलाई की सुबह रायपुर नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ भाटागांव स्थित अवैध दफ्तर को बुलडोज़र से ध्वस्त किया।
- यह दफ्तर बिना नक्शा और अनुमति के बनाया गया था और पुलिस जांच में इसे सूदखोरी के अवैध कारोबार का अड्डा बताया गया।
प्रशासन का रुख
- सीएसपी राजेश देवांगन ने बताया कि यदि तोमर बंधु तय तारीख पर अदालत में पेश नहीं होते तो उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे कानून की जीत बताते हुए कहा— “किसी भी अपराधी को कानून से बड़ा नहीं माना जाएगा। फरार तोमर बंधुओं को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।”




