महासमुंद। जिले के तुमगांव नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम कांत साहू पर किस्मत का पहिया बड़ा अजीब ढंग से घूम गया। कल तक वे अवैध शराब और देह व्यापार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे थे, और आज खुद छेड़खानी के मामले में पुलिस हिरासत में पहुँच गए।
गिरफ्तारी से मचा हंगामा
सुबह-सुबह पुलिस ने बलराम साहू को उनके घर से उठाया और थाने ले आई। आरोप – एक महिला ने उनके खिलाफ छेड़छाड़ की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, समर्थक भड़क उठे। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे, नारेबाजी की और देखते ही देखते नगर को बंद करा दिया।
पत्नी का आरोप – “साजिश है”
अध्यक्ष की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा –“सुबह पुलिस आई और उन्हें जबरदस्ती उठाकर ले गई। जब पूछा तो कहा कि छेड़खानी का आरोप है। लेकिन कल ही उन्होंने अवैध शराब और देह व्यापार के खिलाफ आवेदन दिया था।”
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत पर बलराम कांत साहू को हिरासत में लिया गया है।

किन धाराओं में हुई है कार्यवाही
- BNS की धारा 351(3): छेड़छाड़ / यौन उत्पीड़न
इसका मतलब है कि किसी महिला के साथ उसकी इच्छा के खिलाफ अश्लील हरकत करना, शारीरिक स्पर्श करना या अनुचित इशारे करना। इसके लिए जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। - धारा 296: घर में घुसकर अपराध करना (House-trespass to commit offence)
किसी के घर या निजी स्थान में घुसकर अपराध करना। अगर छेड़छाड़ जैसी हरकत घर में की गई हो तो यह धारा लागू होती है। - धारा 74: महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाना
महिला की इज्जत या गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले कार्य या अपमानजनक व्यवहार पर यह धारा लगती है। - धारा 75(2): बार-बार अपराध करना
यदि आरोपी पहले से ऐसे अपराधों में लिप्त हो या बार-बार समान तरह की हरकत करे, तो यह धारा लागू की जाती है।
इन धाराओं के तहत अपराध साबित होने पर कठोर सजा का प्रावधान है।
साथ ही, जिस आवेदन में अवैध शराब और देह व्यापार का जिक्र है, उसकी भी जांच की जाएगी।
जनता में चर्चा – “भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलो, केस झेलो?”
तुमगांव की गलियों में अब सवाल गूंज रहा है –
- क्या बलराम कांत साहू फंसे या फँसाए गए?
- अवैध धंधों पर रोक लगाने का आवेदन देना ही उनकी गिरफ्तारी की वजह तो नहीं?




