आशीष पदमावर, बीजापुर। जिले के नैमेड़ पोटाकेबिन (आवासीय विद्यालय) में कल रात एक नौंवी कक्षा की छात्रा ने अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इतनी छोटी उम्र में बच्ची का आत्मघातक कदम एक ओर सभी को हैरान कर रहा है। तो वहीं परिजनों ने छात्रा के साथ अनहोनी होने का अंदेशा जताते हुए अस्पताल में प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि; उन्हें बच्ची के शव को देखने नहीं दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार; मृतक छात्रा का नाम पिंकी कुरसम है। नैमेड़ पोटाकेबिन में नौंवी की छात्रा थी। रविवार रात जब मेस में खाना परोसा जा रहा था तो पिंकी वहां मौजूद नहीं थी। इस पर जब उसकी सहेलियां उसे बुलाने पहुंची तो वह कमरे में नहीं मिली। इसके बाद जब उसकी तलाश की गई तो वह बगल के कमरे में जमीन पर गिरी हुई थीं। उसके गले में दुपट्टा बंधा हुआ था। आनन-फानन में दरवाजा खोलकर उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इधर, घटना की जानकारी पाकर परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें उनकी बच्ची का शव देखने नहीं दिया गया। इस पर नाराज होकर उन्होंने अस्पताल में ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और बच्ची के साथ अनहोनी होने की आशंका भी जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन सच छुपाने की कोशिश कर रहा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उन्होंने की है।
थाना प्रभारी हरिनाथ रावत ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत का कारण अभी अज्ञात है, मृतिका की सहेलियों और स्टाफ से पूछताछ की जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी लखन लाल धनेलिया ने बताया कि आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है, जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एसडीएम स्तर पर जांच की जाएगी. जो भी दोषी पाया जायेगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।




