कवर्धा। शहर में पानी की किल्लत से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सरोधा केनाल में आई तकनीकी खराबी के कारण बीते चार दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। पीने, नहाने और निस्तारी के लिए लोग परेशान हैं।
नगरपालिका ने टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि कई वार्डों तक टैंकर नहीं पहुंचे। 70 हजार की आबादी वाले कवर्धा में करीब 60 हजार लोग अब भी पानी से वंचित हैं।
स्थानीय निवासी कादरी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका टैंकरों की सप्लाई निजी लोगों तक कर रही है, जबकि आम वार्डवासी पानी के लिए तरस रहे हैं। वहीं, कामरु निशा ने बताया कि तीन दिनों से पीने और नहाने तक का पानी नहीं मिल रहा। टैंकर भेजने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक इंतजार ही हो रहा है। लोग पड़ोसियों के बोर और हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जहां लंबी कतारें लग रही हैं।
शहरवासियों का कहना है कि 1 सितंबर से सप्लाई बंद है। नगर पालिका ने दो दिन में सुधार का भरोसा दिया था, लेकिन मरम्मत अब तक पूरी नहीं हो सकी। इससे नाराजगी और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।




