आशीष पदमवार
बीजापुर :राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी नियमितीकरण, ग्रेड पे सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल में हैं।
परंतु सरकार से अभी भी सफल वार्ता नही हो पायी है।
जहां एक तरफ सरकार वादाखिलाफी कर मांगे पूरी नही कर रही वहीं अड़ियल रवैया दिखाते हुए अभी तक प्रदेश अध्यक्ष समेत 57 लोगों के सेवा समाप्ति का आदेश निकाल दिया जिससे आक्रोशित होकर NHM कर्मचारियों ने आज सामूहिक इस्तीफा दे दिया और कहा कि जब तक मांगे पूरी नही होती तब तक हड़ताल जारी रहेगा।
उधर, कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन में चले जाने से उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह चरमरा गई हैं, राष्ट्रीय कार्यक्रम स्थगित किये जा रहे हैं। जिससे आम जनता को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर नहीं मिल पा रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि बीजापुर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सेवा देने वाले NHM स्वास्थ्य कर्मचारी आज अपने अधिकारों के लिये हड़ताल में बैठे हैं । 20 महीनों में 160 आवेदन देने के बाद भी मोदी की गारंटी पूरी नही हो पाई है। सेवाएँ ठप होने के लिए वे नहीं, बल्कि शासन का अड़ियल रवैया जिम्मेदार है।
जिन्होने अपने वादे को पूरा नही किया। जबकि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों को सुविधायें दिया जा रहा है। नियमितिकरण करने में राज्य शासन सक्षम है फिर भी केंद्र का नाम ले रही।और अगर केंद्र से होता भी तो वहां भी इनकी ही सरकार है।
NHM कर्मचारी संघ बीजापुर के जिला अध्यक्ष रमाकांत पूनेठा और सभी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण, ग्रेड पे और लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शासन जल्द ही उनकी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं लेता, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बीजापुर जिला के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे|




