बिलासपुर, 16 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी। चैतन्य ने शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी गिरफ्तारी को अवैधानिक और राजनीति से प्रेरित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
चैतन्य का दावा
चैतन्य बघेल ने याचिका में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिना ठोस आधार के उन्हें हिरासत में लिया। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया और इसे रद्द करने की मांग की।
ईडी का जवाब
सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि चैतन्य की गिरफ्तारी ठोस सबूतों पर आधारित है। एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़ी फाइलें, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयान साबित करते हैं कि चैतन्य ने 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया।
मामला गरमाया
यह मामला छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। चैतन्य की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष इसे सत्तारूढ़ दल की साजिश बता रहा है, जबकि ईडी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा मान रही है। अगली सुनवाई में कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।




