दुर्ग। जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगाने के बाद एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया और स्टाफ से दुर्व्यवहार किया। मामला बढ़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए और पुलिस बल तैनात किया गया।
युवक ने खाई थी चूहा मारने की दवा
मिली जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ नगर निवासी प्रभाष सूर्या ने मंगलवार दोपहर चूहा मारने की दवा खा ली थी। उसे परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि देर रात तक उसकी हालत स्थिर थी। लेकिन बुधवार सुबह उल्टी कराने का इंजेक्शन देने के बाद अचानक उसकी मौत हो गई।
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रात भर बेटे ने की बातचीत – मां
मृतक की मां पूजा सूर्या ने बताया कि मंगलवार को बेटे को भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने आश्वासन दिया था कि हालत नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि रात भर बेटे ने बातचीत भी की थी। लेकिन सुबह इंजेक्शन देने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन देने वाली नर्स भी गायब हो गई और डॉक्टर नाम बताने से बच रहे हैं।
सर्जन का बयान
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि मरीज को गैस रोकने का इंजेक्शन दिया गया था, जिससे केवल पेट दर्द होता है, मृत्यु नहीं। उन्होंने कहा कि मरीज ने चूहा मारने की दवा खाई थी, जो मौत का कारण हो सकता है। इस मामले में 3 डॉक्टरों की जांच टीम बनाई गई है और पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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परिजनों से मिले पूर्व विधायक
घटना के बाद पूर्व विधायक अरुण वोरा अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मिलकर उन्हें समझाने की कोशिश की। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने बताया कि परिजनों द्वारा अस्पताल स्टाफ से दुर्व्यवहार किया गया है, जिसके लिए FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
OPD सेवाएं प्रभावित
हंगामे और जांच के बीच अस्पताल की OPD सेवाएं प्रभावित हुईं। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों ने बताया कि पर्ची बनाने वाला भी मौजूद नहीं था, जिससे वे भटकते रहे। मरीजों का कहना है कि एक व्यक्ति की गलती की सजा सभी मरीजों को मिल रही है।




