रायपुर. स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने कोरबा से नक्सली रामा इचा को गिरफ्तार किया है। वह कोयला खदान में मजदूरी करता है और कई मजदूर संगठनों से जुड़ा है। रामा का संबंध रायपुर के चंगोराभाठा में पकड़े गए नक्सली दंपति जग्गू कुरसम उर्फ रमेश और उनकी पत्नी कमला कुरसम से है।
जग्गू और उसके सहयोगी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे। वे तीन महीने से ज्यादा समय तक एक जगह नहीं रुकते थे। काम छोड़कर बस्तर लौट जाते और फिर नया ठिकाना तलाशते। जग्गू ने कई बड़े नक्सलियों को रायपुर के झुग्गी क्षेत्रों में छिपने में मदद की। वह और रामा लगातार संपर्क में थे। रामा कई बार जग्गू से मिलने रायपुर आया, जबकि जग्गू भी अपनी पत्नी के साथ कोरबा गया। दोनों के बीच पैसे का लेन-देन भी हुआ। एसआईए ने रामा को शनिवार शाम बिलासपुर एनआईए कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। तकनीकी जांच के बाद दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई।
चंगोराभाठा में नक्सल दंपति पकड़ा गया
23 सितंबर की रात एसआईबी, एसआईए और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चंगोराभाठा से नक्सली दंपति जग्गू कुरसम उर्फ रमेश (28) और कमला कुरसम को गिरफ्तार किया गया। दोनों भैरंगढ़ डिवीजनल कमेटी के सक्रिय सदस्य हैं और पिछले तीन-चार साल से रायपुर में रह रहे थे।
### जग्गू ने बदले कई ठिकाने और काम
जांच में पता चला कि जग्गू ने सुरक्षा गार्ड, पोल्ट्री फार्म और निर्माण कार्यों में मजदूरी की। वह बार-बार काम और ठिकाना बदलता रहा। वह चंगोराभाठा, रायपुरा, अम्लेश्वर, बीरगांव, उरकुरा और सिलतरा में रहा। उसका मूवमेंट भिलाई, बिलासपुर और कोरबा तक फैला था। उसके संपर्क में शहर के कई लोग थे। पुलिस ने छह लोगों की पहचान की, जिनमें से एक रामा को कोरबा से गिरफ्तार किया गया।




