नई दिल्ली। देश में एक बार फिर कफ सिरप को लेकर चिंता बढ़ गई है। तमिलनाडु में तैयार किए गए कोल्ड्रिफ सिरप के एक बैच में खतरनाक रासायनिक पदार्थ डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया है। यह वही केमिकल है जो शरीर में जाने पर किडनी फेल्योर, लिवर डैमेज और मौत तक का कारण बन सकता है।
राजस्थान और मध्यप्रदेश में हाल ही में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत के बाद अब इस नए मामले ने लोगों में आक्रोश बढ़ा दिया है। जांच में पाया गया कि तमिलनाडु में बने सिरप के एक सैंपल में DEG की मात्रा 48.6 प्रतिशत थी, जो बेहद जहरीली मानी जाती है। इसके बाद मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और अन्य राज्यों ने इसकी बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है।
CDSCO और संबंधित राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने कंपनी से पूरे मामले पर जवाब मांगा है। साथ ही सिरप के उत्पादन और वितरण पर अस्थायी रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
हालांकि, मध्यप्रदेश और राजस्थान से लिए गए कुछ सैंपलों में एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) और डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नहीं पाए गए, जिससे संकेत मिलता है कि सभी बैच दूषित नहीं हैं और यह समस्या केवल कुछ सीमित बैचों तक हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, DEG और EG औद्योगिक सॉल्वेंट हैं जिनका उपयोग आम तौर पर ब्रेक फ्लूइड और एंटीफ्रीज में किया जाता है। शरीर में जाने पर ये यौगिक जहरीले पदार्थों में बदल जाते हैं, जो खासकर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। अगर समय रहते इलाज न हो, तो मरीज की जान भी जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल न करें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की तुरंत जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दें।




