Balrampur Murder Case: बलरामपुर जिले के बलंगी पुलिस चौकी के ग्राम तोरफा निवासी 10 वर्षीय बालक बृजेश कुमार पाल की गला घोंट कर हत्या की गई थी। मृतक के पिता द्वारा मोटरसाइकिल खरीदी करने की तैयारी पर आरोपित रवि पाल (19) ने अपचारी बालक के साथ मिलकर फिरौती वसूली की योजना बनाई थी। योजना के तहत मृतक को जंगल में कैद कर रखना था। विरोध करने पर आरोपित ने बालक का गला घोंट दिया था। इसी कारण उसकी मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि ढलान में शव था। गले को जोर से दबाने के कारण वह अलग हो गया था। गला काट कर हत्या नहीं की गई थी।
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि छह सितंबर को बालक का सड़ा-गला शव मिलने के बाद पुलिस टीम ने गांव वालों से पूछताछ की। पूछताछ में संदेही के रूप में मृतक के घर के नजदीक ही रहने वाले रवि पाल का नाम सामने आया। वह लगातार अपना बयान बदल पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। इससे पुलिस का संदेह गहरा गया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया। उसने फिरौती की मंशा से अपचारी बालक के साथ मिलकर बालक का गला घोंट कर हत्या करना स्वीकार कर लिया। मामले में अपचारी बालक को भी हिरासत में ले लिया गया है।
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खेलने के बहाने ले गए जंगल की ओर
Balrampur Murder Case: पुलिस जांच में पता चला कि घटना दिवस दो अक्टूबर की शाम लगभग चार बजे जब बालक बृजेश पाल के घर कोई नहीं था तब विधि से संघर्षरत बालक द्वारा उसे खेलने के बहाने बुलाया गया। बालक को नदी किनारे जंगल की ओर ले गया। वहां रविपाल पहले से मौजूद था।
बालक के पिता से फिरौती मांगने के उद्देश्य से बालक को जबरन जंगल के अंदर ले जाना चाहा। बालक द्वारा प्रतिरोध करने पर आरोपित रविपाल ने गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। बालक की जान नहीं निकलने पर उसी के पहने शर्ट का फंदा बनाकर बालक के गले में डालकर गला घोंट दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। विधि से संघर्षरत बालक ने भी हत्या करने में सहायता की थी।
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इसलिए फिरौती का आया ध्यान
Balrampur Murder Case: आरोपित रवि पालने बताया कि मृतक बालक के पिता ने कुछ दिन पहले मोटर साइकिल लेने की बात कही थी, जिस पर उन्हें लगा था कि बालक के पिता के पास नकदी है। यदि वे उसके बेटे को कब्जे में रखकर फिरौती मांगेंगे तो वह दे देगा। लेकिन बालक को जंगल की ओर ले जाने के प्रयास में उसने विरोध शुरू किया और उसकी हत्या हो गई। हत्या होने तथा गांव में लगातार खोजबीन व पुलिस का दबाव देखकर फिरौती मांगने का साहस नहीं जुटा पाए।
बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने कहा कि, जंगल में एकदम ढलान नुमा स्थल पर शव पड़ा था। पांचवें दिन शव मिला था। शव गलने लगा था। अत्यधिक जोर से गला दबाने के कारण वह हिस्सा सबसे पहले सड़ने गलने लगा था। गलने के कारण ही वह हिस्सा अलग हो गया था।




