केंद्र की मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी योजना की शुरुआत की है. मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए नगद रहित उपचार की सुविधा देश भर में शुरू कर दी है. इसके तहत घायलों को नजदीकी अस्पतालों में डेढ़ लाख तक का उपचार निशुल्क किया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में यह सुविधा स्वास्थ्य विभाग से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 134 अस्पतालों में शुरू की गई है. जबकि राज्य से बाहर करीब 63 अस्पतालों में घायल इस योजना का लाभ ले सकेंगे. नगदी रहित उपचार योजना के तहत अब दुर्घटनाओं में घायल लोगों को पैसे के अभाव में जान नहीं देनी पड़ेगी.
इस योजना को कारगर बनाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और एनएचएआई की सहभागिता से एक एकीकृत ऐप और पोर्टल तैयार किया गया है। सभी संबंधित विभागों को पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड दिए गए हैं ताकि वे दुर्घटना से संबंधित आवश्यक जानकारी समय पर दर्ज कर सकें। IRAD पोर्टल का मकसद केवल घायल को इलाज दिलाना ही नहीं, बल्कि ब्लैक स्पॉट की पहचान, दुर्घटना के कारणों की समीक्षा और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए डेटा एकत्र करना भी है।
दुर्घटना के 7 दिन के भीतर मिलेगा योजना का लाभ
घायल व्यक्ति दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों के भीतर किसी भी पीएमजेएवाई (PMJAY) योजना में पंजीकृत अस्पताल में भर्ती होकर योजना का लाभ ले सकता है। इससे पीड़ित और उसके परिजन को आर्थिक राहत मिलेगी और सरकारी प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।
मदद करने वालों को भी मिलेगा इनाम
सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले मिलने वाली 5,000 रूपए की राशि बढ़ाकर 25,000 रूपए कर दी है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि मददगार से घटना के अतिरिक्त कोई पूछताछ नहीं की जाएगी, ताकि आम लोग बेझिझक मदद के लिए आगे आ सकें।




