रायपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री त्रिभुनेश्वर शरण सिंहदेव (टीएस बाबा) को भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने इशारे-इशारे में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने का निमंत्रण दे दिया है। ऐसा तब हुआ है, जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने टीएस बाबा को दिल्ली की राजनीति में जाने की सलाह दी है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके बयानों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है।
भाजपा के सीनियर MLA अजय चंद्राकर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए कहा है कि सरकार बनने के बाद कांग्रेस का एक मिशन बन गया था, कि बाबा साहब को अपमानित करो। बाबा साहब को सलाह दूंगा कि कांग्रेस छोड़ दें। अपमान की एक पराकाष्ठा होती हैं। बाबा साहब एक गौरवशाली वंश से आते हैं। अब बाबा साहब को फैसला करना है कि कांग्रेस में अपमानित होना है या राष्ट्र के विकास के साथ अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाना है।
MLA चंद्राकर के इस बयान से यह साबित होता है कि उन्होंने कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव को भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दे दिया है। हालांकि चंद्राकर की इस एडवाइस को बाबा मानते है या फिर राजनीतिक व्यंग में टालते हुए कांग्रेस में बने रहेंगे? यह आने वाले वक्त बताएगा।
पहले भी बाबा के भाजपा में जाने के लगाये गए हैं कयास
कांग्रेस सरकार में ढाई-ढाई साल की मुख्यमंत्री बनने की चर्चा ने तब के जय भूपेश बघेल और वीरू टीएस सिंह के बीच अघोषित दिवार पैदा कर दी थी। कांग्रेस सरकार में कई सियासी बवाल के साथ टीएस बाबा की अवहेलना होते हुए कई बार देखा गया। कई बार टीएस बाबा अपने मन का दर्द भी बाहर निकालते हुए भी नजर आए। लेकिन उन्होंने कांग्रेस का हाथ उसी मजबूती से थामे रखा, जिस मजबूती से जय और वीरू ने भाजपा के खिलाफ पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी।




