रायगढ़। शहर के जेल पारा और प्रगति नगर इलाके में शनिवार सुबह नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की। मरीन ड्राइव परियोजना के तहत किए जा रहे इस अभियान में अब तक 10 से ज्यादा मकान तोड़े जा चुके हैं। नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर सुबह तड़के पहुंची, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी के सामने आकर विरोध जताया और निगम की कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है, जो प्रदर्शनकारियों को हटाने में जुटा हुआ है। इसी दौरान पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
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विरोध इतना तेज हो गया कि कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निवास के सामने भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने वहां भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।
मरीन ड्राइव परियोजना बना टकराव की वजह
नगर निगम ने जेल पारा से लेकर छठ पूजा स्थल (जूट मिल के पीछे) तक मरीन ड्राइव बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए लगभग 100 से अधिक घरों को अतिक्रमण मानते हुए तोड़े जाने का नोटिस पहले ही जारी कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन मकानों को सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाया गया है, जिसे हटाना जरूरी है।
हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के जबरन उजाड़ा जा रहा है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि वे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं और अचानक एक विकास परियोजना के नाम पर उनके आशियाने छीन लिए जा रहे हैं।
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कांग्रेस ने खोला मोर्चा, देर रात हुआ कलेक्टर बंगले का घेराव
इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार देर रात मोहल्ले वासियों ने कलेक्टर बंगले का घेराव भी किया था। जैसे ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे, प्रशासन ने तत्काल भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध शांत नहीं हुआ।
नोटिस के बाद की जा रही कार्रवाई – अरुण साव
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को शासन पहले नोटिस देकर अवसर देता है। अगर उसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया जाता है तो मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ती है। अवैध अतिक्रमण से आम जनता को समस्याएं होती हैं, इसलिए उसे हटाना जरूरी है।”
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फिलहाल इलाके में पुलिस का भारी बंदोबस्त है। निगम की कार्रवाई अभी भी जारी है और प्रदर्शनकारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।




