Khabarwaad Raipur. राजधानी की सिविल लाइन पुलिस ने जमीन खरीदार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर करके मामले की जांच की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक टैगोरनगर निवासी सुशील चंद्र पगारिया एवं उनके पुत्र श्रेयांस पगारिया की ओर से कोर्ट के आदेश पर आरोपी सोनू यादव निवासी डंगनिया को आरोपी बनाया गया है. 26 वर्षीय आरोपी ने दोनों प्रार्थियों के स्वामित्व वाली मंदिरहसौद स्थित जमीन को 25 लाख से अधिक रुपए में खरीदी थी। 10 जून 2019 की तारीख वाले बैंक ऑफ बड़ौदा के पांच चेक दिए थे। वहीं उपरोक्त वर्णित धनादेशों का नगदीकरण प्रस्तावित तिथि पर नहीं होता है तो उक्त विक्रय विलेख निरस्त, प्रभावहीन व शून्य हो जाएगा. जबकि 16 जून को चेक लगाए जाने पर उक्त बैंक द्वारा हस्ताक्षर भिन्न होने की टीप के साथ उन्हें बाउंस कर दिया गया.
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इसकी सूचना आरोपी को दी गई और 15 दिन के भीतर रकम की मांग की गई। इस मामले को लेकर पुलिस को शिकायती पत्र भी सौंपा गया। लेकिन निर्धारित समयावधि के भीतर कोई कानूनी सूचना नहीं मिलने पर परिवारवाद दायर किया गया. जो अभी लंबित है. विवादग्रस्त भूमि के अंतरण पर रोक लगाते हुए अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश भी पारित कर दिया गया था. अस्थायी निषेधाज्ञा आदेश की जानकारी पंजीयन व पटवारी कार्यालय में प्रेषित करने पर यह जानकारी प्राप्त हुई कि अनावेदक द्वारा पूर्व में 4 फरवरी 2020 को उक्त भूमि का विक्रय भरत कुमार निषाद तथा अंजनी कुमार सिंह को किसी भी विवाद से मुक्त बताते हुए किया जा चुका है. पुलिस ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर विस्तृत विवेचना की जा रही है.




