रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब शनिवार को बच्चों का दिन थोड़ा अलग होगा। शिक्षा विभाग ने नया टाइम टेबल जारी किया है, जिसमें शिक्षा के साथ नैतिकता और रचनात्मकता पर भी जोर दिया गया है।
दिन की शुरुआत होगी प्रार्थना और राष्ट्रगान से… और फिर बच्चे माहवार थीम पर अपने विचार साझा करेंगे । इसके बाद मातृभाषा, गणित और अंग्रेजी के साथ-साथ ‘उपचारात्मक शिक्षा’ पर खास ध्यान दिया जाएगा ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई कमजोर न रह जाए।
दोपहर के बाद वर्कबुक और रीडिंग-राइटिंग का सत्र होगा और दिन का समापन होगा खेल, योग और कला से। यानी अब शनिवार को बच्चों को किताबों के साथ रचनात्मकता और शारीरिक फिटनेस दोनों का साथ मिलेगा। यह नया टाइम टेबल सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू होगा।
ये है शनिवार का नया टाइम टेबल
| समय | विषय / गतिविधि | विस्तार |
| 10:00 – 10:15 | प्रार्थना, राष्ट्रगान और माहवार थीम पर विचार | दिन की शुरुआत प्रार्थना और राष्ट्रगान से की जाएगी। इसके बाद छात्रों को माहवार थीम पर संक्षिप्त विचार साझा करने का अवसर दिया जाएगाजिससे उनकी नैतिक और सामाजिक समझ विकसित हो सके। |
| 10:15 – 11:05 | मातृभाषा, पुस्तकालय, आकलन आधारित उपचारात्मक शिक्षा | इस समय में मातृभाषा पर ध्यान दिया जाएगा। पुस्तकालय का समय छात्रों को अध्ययन और पढ़ने की आदत डालने मदद करेगी। आकलन (कॉग्निटिव) आधारित उपचारात्मक शिक्षा के माध्यम से कमजोर क्षेत्रों में सुधार किया जाना सुनिश्चित किया गया है। |
| 11:05 – 11:55 | गणित व उपचारात्मक शिक्षा | गणित विषय की पढ़ाई और उपचारात्मक शिक्षण कार्य। इसमें छात्रों की गणितीय समझ और समस्या समाधान कौशल पर ध्यान केंद्रित होगा। |
| 11:55 – 12:05 | लघु अवकाश | छोटे ब्रेक का समय, जिसमें छात्र आराम कर सकते हैं और अगले सत्र के लिए तैयार हो सकते हैं। |
| 12:05 – 12:55 | अंग्रेजी व उपचारात्मक शिक्षा | अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई और उपचारात्मक गतिविधियाँ। इसमें व्याकरण, शब्दावली और लेखन पर ध्यान दिया जाएगा। |
| 12:55 – 1:45 | पर्यावरण व उपचारात्मक शिक्षा | पर्यावरण और विज्ञान से संबंधित उपचारात्मक शिक्षा। छात्रों को प्राकृतिक दुनिया के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने का समय होगा। |
| 1:45 – 2:35 | भोजन अवकाश | छात्रों को भोजन करने और आराम करने का समय। |
| 2:35 – 3:15 | वर्कबुक, रीडिंग-राइटिंग, विषयवार उपचारात्मक शिक्षा | वर्कबुक गतिविधियाँ, पढ़ाई और लेखन अभ्यास। अलग-अलग विषयों में उपचारात्मक शिक्षण कार्य। |
| 3:15 – 4:00 | शारीरिक शिक्षा, योग, खेल, कला व बागवानी | दिन का अंतिम सत्र, जिसमें शारीरिक गतिविधियाँ, योग, खेल, कला और बागवानी जैसी क्रियाओं के माध्यम से छात्रों का सर्वांगीण विकास भी होगा। |
शिक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नई व्यवस्था से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और स्कूल का माहौल और भी रोचक बनेगा।”




