8 जुलाई यानी मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। जब प्रदोष व्रत मंगलवार को पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।
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हर महीने में दो प्रदोष व्रत आते हैं—एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार प्रदोष व्रत पर मंगलवार का संयोग विशेष फलदायी रहेगा। हालांकि कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। इस दिन किसी से विवाद या झगड़ा करने से बचना चाहिए और अपशब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
पूजा करते समय मन को शांत और पवित्र रखना चाहिए। मन में किसी के प्रति गलत भावना या द्वेष नहीं रखना चाहिए, अन्यथा भगवान शिव नाराज हो सकते हैं।
शिवलिंग पर कभी भी टूटे हुए चावल (अक्षत) या तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। साथ ही, इस दिन काले कपड़े पहनकर पूजा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन नियमपूर्वक व्रत और पूजा करने से शिव कृपा के साथ मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है।




