बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर बुधवार को नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में 20 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। जबकि, 12 माओवादियों का शव बरामद किया गया है। जबकि तीन डीआरजी जवान शहीद हो गए। दो अन्य जवान घायल हुए जिन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया है।
पश्चिम बस्तर डिवीजन क्षेत्र में डीआरजी, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के संयुक्त दलों ने नक्सली उपस्थिति की सूचना पर अभियान शुरू किया था। जंगल में पहुंचते ही नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी जिसका जवाब सुरक्षाबलों ने दिया। मुठभेड़ शाम तक चली।
शहीद जवानों में प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और डीआरजी जवान रमेश सोड़ी शामिल हैं। घायल सहायक उप निरीक्षक जनार्दन कोर्राम और आरक्षक सोमदेव यादव को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर भेजा गया जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मौके से 12 नक्सली शव, एसएलआर, इंसास राइफल, 303 राइफल सहित हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। नक्सलियों की पहचान अभी बाकी है। बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि अभियान जारी है और अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
इस साल छत्तीसगढ़ में अब तक 275 नक्सली मारे जा चुके हैं जिनमें से 246 बस्तर संभाग में। माडवी हिडमा जैसे प्रमुख नक्सली नेताओं के सफाए के बाद संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।




