देश में फिर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का जिन्न बोतल से बाहर आ चुका है. इसे लेकर तमाम बयानबाजी और चर्चाएं हो रही हैं. एक बार फिर से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की माग उठने लगी है. इस बार यह बहस और मांग नेशनल नहीं, बल्कि इंटरनेशनल हो चुकी है।
दरअसल, इस बहस की शुरुआत हुई है दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क के एक एक्स पोस्ट से. इस पोस्ट में मस्क ने ईवीएम के हैक होने और इसे हमेशा के लिए खत्म करने की बात कही है. उनके इस पोस्ट के बाद कांग्रेस के राहुल गांधी, सपा के अखिलेश यादव और कई अन्य दलों के नेता भी ईवीएम के मुद्दे पर आक्रमक हो गए हैं.
क्या कहा राहुल गांधी ने?
राहुल गांधी ने मुंबई की उत्तर-पश्चिम सीट पर शिवसेना शिंदे गुट के नेता रवींद्र वायकर की 48 वोटों से जीत से जुड़ी ईवीएम कंट्रोवर्सी का हवाला देते हुए एक्स पर लिखा, भारत में EVM एक ब्लैक बॉक्स है, और किसी को भी उनकी जांच करने की अनुमति नहीं है. हमारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं. जब संस्थाओं में जवाबदेही की कमी होती है तो लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है.
क्या कहा अखिलेश यादव ने?
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इस बहस में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने एक्स पर लिखा, “टेक्नॉलजी समस्याओं को दूर करने के लिए होती है, अगर वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. आज जब विश्व के कई चुनावों में EVM को लेकर गड़बड़ी की आशंका ज़ाहिर की जा रही है और दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स EVM में हेराफेरी के ख़तरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर EVM के इस्तेमाल की ज़िद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ करें. आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर मतपत्र से कराने की अपनी मांग को हम फिर दोहराते हैं.




