अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में गुरुवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब 70 एकड़ में फैले भव्य राम मंदिर परिसर में अब भगवान श्रीराम के साथ अन्य प्रमुख देवी-देवताओं का भी वास होगा। मंदिर के प्रथम तल पर भगवान श्रीराम का दरबार सजाया गया है, जबकि परकोटे में भगवान शिव, गणेश, सूर्यदेव, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा और हनुमान जी के मंदिर सुशोभित होंगे। वहीं, दक्षिण-पश्चिम दिशा में शेषावतार लक्ष्मण जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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इन सभी देवी-देवताओं की सामूहिक प्राण प्रतिष्ठा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों अभिजित मुहूर्त में 5 जून को संपन्न होगी। आयोजन की शुरुआत देवताओं के पूजन से होगी, जिसमें काशी के यज्ञाचार्य जयप्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में 120 आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार करेंगे। प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त 11:25 से 11:40 बजे सिंह लग्न में तय किया गया है।
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मुख्य यजमान डॉ. अनिल कुमार मिश्र और उनकी पत्नी ऊषा मिश्र के साथ कई अन्य यजमान भी अनुष्ठान में भाग लेंगे। इस दौरान प्रत्येक देवता की गायत्री का जाप, आदित्य हृदयस्तोत्र, रामरक्षास्तोत्र, गणेश अथर्वशीर्ष और शंकर अभिषेक आदि पूजन विधियां संपन्न होंगी।
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इसके अलावा तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और भजन कार्यक्रमों का आयोजन होगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देगा और रामनगरी का गौरव और अधिक बढ़ेगा।




