बिलासपुर। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रिएजेंट की कमी को लेकर चल रही सुनवाई में हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) को नया शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सीजीएमएससी बताए कि रिएजेंट की कमी को किस तरह दूर किया जा रहा है और पहले जिस टेंडर प्रक्रिया की बात कही गई थी, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।
शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रिएजेंट की खरीदी अब खुले बाजार से की जा रही है। वहीं, कोर्ट ने इस पर विस्तृत जानकारी मांगी है।
गौरतलब है कि रिएजेंट की कमी के कारण कई सरकारी अस्पतालों की लैब में खून की जांचें बंद हो गई हैं, जिससे गरीब मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें निजी पैथालॉजी केंद्रों में जांच करानी पड़ रही है, जो आर्थिक रूप से बोझिल है।
रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर, बलौदाबाजार, कोरबा, दंतेवाड़ा, कवर्धा, गरियाबंद, मुंगेली, नारायणपुर, राजनांदगांव, सुकमा, बलरामपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कई जिलों में रिएजेंट किट की कमी के चलते जांचें ठप हैं। इस स्थिति पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई जारी रखी है।




