रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुख्यात सूदखोर रोहित तोमर की एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। इस कॉल में रोहित एक होटल कारोबारी को न सिर्फ अश्लील गालियां देता सुनाई दे रहा है, बल्कि उसके घर में घुसकर मां-बाप समेत जान से मारने की धमकी भी दे रहा है।

पीड़ित होटल कारोबारी गजानंद सिंह ने आरोप लगाया है कि उसने रोहित तोमर से 15 लाख रुपए का कर्ज लिया था, लेकिन इसके एवज में अब तक वह लगभग 50 लाख 51 हजार रुपए चुका चुका है। इसके बावजूद रोहित और उसके गुर्गों द्वारा धमकियां और वसूली जारी थी। मामले में पुलिस ने रोहित तोमर, दिव्यांश तोमर, आकाश मिश्रा और योगेश सिन्हा के खिलाफ छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम, अवैध वसूली और जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में 6 एफआईआर दर्ज की हैं।
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कोरोना काल में बिगड़ा व्यापार, कर्ज लेने की मजबूरी
गजानंद सिंह भनपुरी खमतराई क्षेत्र के निवासी हैं और होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। कोरोना महामारी के दौरान व्यापार में भारी घाटा होने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। बैंक से लोन नहीं मिल पाने की स्थिति में उन्होंने एक जान-पहचान के माध्यम से रोहित तोमर से संपर्क किया। रोहित ने गजानंद को 15 लाख रुपए उधार दिए, लेकिन इसके बदले में उसने गजानंद के जमीन के कागजात, साइन किए हुए कोरे चेक और अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए।
मासिक ब्याज के नाम पर हफ्ते-हफ्ते की वसूली
गजानंद के अनुसार, रोहित ने शुरुआती बातचीत में हर महीने 50 हजार रुपए ब्याज की मांग की थी, लेकिन कुछ ही समय बाद यह रकम हर हफ्ते वसूली जाने लगी। ब्याज देने में ज़रा भी देर होने पर रोहित फोन पर भद्दी-भद्दी गालियां देता और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देता था। यह सब केवल गजानंद ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के साथ भी हो रहा था।
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15 लाख का कर्ज, 50 लाख की वसूली
गजानंद ने बताया कि उन्होंने 30 जून 2022 को रोहित तोमर के ऑफिस में जाकर 15 लाख रुपए उधार लिए थे। लगातार धमकियों के चलते उन्होंने 19 अक्टूबर 2022 को पूरा मूलधन लौटा दिया। लेकिन वसूली यहीं नहीं रुकी। जनवरी 2023 में 12 लाख और देने पड़े, इसके बाद अलग-अलग किस्तों में कुल 50 लाख 51 हजार रुपए रोहित तोमर और उसके गुर्गों द्वारा वसूले गए।
मानसिक प्रताड़ना से टूट गया कारोबारी, आत्महत्या का विचार तक आया
लगातार धमकियों और मानसिक उत्पीड़न से परेशान गजानंद सिंह ने बताया कि कई बार आत्महत्या का विचार आया। रोहित तोमर और दिव्यांश तोमर उन्हें गालियां देकर धमकाते थे, होटल और जमीन हड़पने की धमकियां भी दी जाती थीं। अपनी जान बचाने और कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने दूसरों से भी पैसा उधार लिया, लेकिन वसूली बंद नहीं हुई।
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पुलिस ने दर्ज की 6 एफआईआर, एक आरोपी जेल में, बाकी फरार
गजानंद की शिकायत पर पुलिस ने रोहित तोमर, दिव्यांश तोमर, आकाश मिश्रा और योगेश सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कारोबारी ने पुलिस को पेन ड्राइव में कॉल रिकॉर्डिंग, बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स और वीडियो फुटेज जैसे महत्वपूर्ण सबूत सौंपे हैं। इस मामले में आरोपी दिव्यांश तोमर पहले से ही न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि रोहित तोमर सहित अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने उनकी जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट में अपील भी की है।
तोमर गिरोह पर शिकंजा कसने के बाद सामने आ रहे हैं और पीड़ित
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तोमर भाइयों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब तक 6 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इससे पहले आरोपी का खौफ इतना था कि पीड़ित सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। लेकिन जैसे ही पुलिस ने सख्ती दिखाई, पीड़ितों ने अब शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी हैं। एक अन्य मामला नारायणपुर जिले से सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने बताया कि उसने रोहित तोमर से 10 लाख का कर्ज लिया था, लेकिन अब तक ब्याज सहित 1.10 करोड़ रुपए चुका चुका है।
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CSP बोले- आरोपियों की तलाश जारी, जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू
मामले की जांच कर रहे CSP राजेश देवांगन ने बताया कि अब तक तोमर गिरोह पर छह आपराधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर अभी फरार हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने कोर्ट से दोनों की जमानत रद्द करने की मांग की है, ताकि उन्हें जल्द हिरासत में लिया जा सके।




