IND vs ENG: एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत खेले जा रहे 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को इंग्लैंड के हाथों 5 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। यह हार टीम इंडिया के टेस्ट इतिहास में एक कड़वा अध्याय बन गई, क्योंकि भारत पहली ऐसी टीम बन गया जिसने टेस्ट में पांच शतक लगाने के बावजूद मुकाबला गंवा दिया। इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम था, जिसने 1928–29 में चार शतक लगाने के बावजूद हार झेली थी।
भारतीय शतकवीरों की चमक फीकी पड़ी
भारतीय बल्लेबाजों ने दोनों पारियों में शानदार प्रदर्शन किया। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत (दोनों पारियों में) और केएल राहुल ने शतक जमाए। पहली पारी में भारत ने 471 रन बनाए और दूसरी में 364 रन, जिससे इंग्लैंड को 371 रनों का लक्ष्य मिला। लेकिन इतने मजबूत स्कोर के बावजूद भारत मैच नहीं बचा सका।
Read Also- IND vs ENG 1st Test: दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले ऋषभ पंत को ICC ने लगाई फटकार, जानिए पूरा मामला
बेन डकेट की करिश्माई पारी, इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत
IND vs ENG: इंग्लैंड की ओर से ओपनर बेन डकेट ने दूसरी पारी में 149 रनों की मैच विजेता पारी खेली। उन्होंने जैक क्रॉली के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 188 रन जोड़े और भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। डकेट को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
गिल की कप्तानी की असफल शुरुआत, गेंदबाज़ी बनी चिंता का विषय
इस टेस्ट से शुभमन गिल ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन उनका डेब्यू बतौर कप्तान निराशाजनक रहा। रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद गिल को कमान सौंपी गई थी। हालांकि, टीम की रणनीति और गेंदबाजी प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं, खासतौर पर तब, जब इंग्लैंड ने अंतिम दिन 82 ओवर में ही 371 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
Read Also- सांसद प्रिया और क्रिकेटर रिंकू की शादी टली: पिता तूफानी सरोज बोले- भावी दामाद 2-3 महीने क्रिकेट में व्यस्त
टेस्ट चैंपियनशिप की भी खराब शुरुआत
IND vs ENG: इस हार के साथ भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025–27 सत्र की शुरुआत में ही झटका लगा है। भारत फिलहाल चौथे स्थान पर खिसक गया है, जबकि इंग्लैंड 12 अंकों और 100% जीत प्रतिशत के साथ तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है।
क्या वापसी कर पाएगी टीम इंडिया?
अब भारत को सीरीज का दूसरा टेस्ट 2 जुलाई से बर्मिंघम में खेलना है। गिल की कप्तानी, गेंदबाजी संयोजन और निचले क्रम की बल्लेबाजी पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। टीम को वापसी के लिए आत्ममंथन और रणनीति में बड़े बदलाव करने की जरूरत होगी।




