जशपुर। सिटी कोतवाली पुलिस ने पुराने नगर तुरीटोंगरी क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
घटना 18 अक्टूबर की है, जब तुरीटोंगरी इलाके में अधजली लाश मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। जांच में मृतक की पहचान सीटोंगा निवासी सीमित खाखा (28) के रूप में हुई। शव का अधिकांश हिस्सा जला हुआ था, जिसे आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए आग के हवाले कर दिया था।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक अपने गांव के साथियों के साथ हजारीबाग (झारखंड) में काम करने गया था। काम से लौटने के बाद कमीशन के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद साथियों ने उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को तुरीटोंगरी के जंगल में गड्ढे में डालकर जला दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामजीत राम (25), वीरेन्द्र राम (24) और 17 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है। तीनों सीटोंगा गांव के निवासी हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, लोहे की छड़ और कपड़े बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना की रात सभी ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गुस्से में उन्होंने पहले लोहे की छड़ से सिर पर वार किया, फिर चाकू से सीने पर हमला कर सीमित की हत्या कर दी।
पुलिस ने डमी के माध्यम से घटनास्थल पर पुनरावृत्ति भी कराई है। मामले में बीएनएस की धारा 103(1), 238(क) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार वयस्क आरोपी रामजीत राम और वीरेन्द्र राम को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने पेशेवर तरीके से मामले की गुत्थी सुलझाई है। फरार दोनों आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश जारी है।




