Mahasamund Latest News: महासमुंद जिले के तुमगांव में संचालित नवजीवन अस्पताल में इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है। मृत बच्ची के परिजनों ने आज अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर तुमगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है । आपको बता दें कि, नवजीवन अस्पताल तुमगांव में वही के निवासी नेतराम धीवर 29 अगस्त को अपनी बच्ची अंकिता धीवर उम्र 6 वर्ष को दस्त व बुखार होने पर भर्ती कराया था। अस्पताल में उस समय कोई भी डॉक्टर मौजूद नही था। अस्पताल में मौजूद नर्स व कंपाउडर ने बच्ची को भर्ती कर बिना चिकित्सक के ही इलाज शुरु कर दिया।
Read Also- प्रोफेसर की हत्या की साजिश मामले में बड़ा खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
Mahasamund Latest News: नर्स व कंपाउडर के द्वारा बच्ची को ड्रिप व कुछ एंटीबायोटिक चढ़ाया गया। उसके बाद कुछ ही देर में बच्ची बेहोश हो गई। अस्पताल स्टाप बच्ची का एक्सरे कराने ले गये। बच्ची की स्थिति में कोई सुधार होते न देख अस्पताल स्टाफ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तुमगांव ले जाने को कहा। बच्ची का पिता सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गया तो वहाँ के चिकित्सक ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजनों ने नगर पंचायत तुमगांव के उपाध्यक्ष को फोन कर इसकी सूचना दी। नवजीवन अस्पताल प्रंबधन ने उसके बाद बिना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचना दिये अस्पताल बंद कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आज तुमगांव थाना में इसकी लिखित शिकायत की है।
Read Also- गूगल पर रिव्यू देने के बदले कमाई का झांसा… गुजरात के शख्स ने छत्तीसगढ़ की महिला से ठगे 29.49 लाख, आरोपी गिरफ्तार…
Mahasamund Latest News: मृत बच्ची के परिजन अब अस्पताल प्रबंधन पर कार्यवाही की मांग कर रहे है। वही अस्पताल प्रबंधन इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर रहा है। इस पूरे मामले में नर्सिंग एक्ट के नोडल अधिकारी का कहना है कि, चार डाक्टर की टीम गठित कर जांच की जा रही है। लापरवाही साबित होने पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी। बहरहाल मृतक के परिजन मृत बच्ची को दफना दिये थे। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने दफन किये गए बच्ची के शव को बाहर निकालवाकर पीएम के लिए भेज दिया है। और मुख्यचिकित्सा अधिकारी ने चार डॉक्टरों की एक टीम बनाकर जांच के आदेश दे दिया है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य निकलकर आता है और प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।




