रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक और उल्लेखनीय सफलता दर्ज की गई है। पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन नीति के तहत गुरुवार को 37 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। इसे राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। यह आत्मसमर्पण केवल संख्या भर नहीं, बल्कि बस्तर में स्थायी शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है।
राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश में 487 से अधिक नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, 1849 से ज्यादा गिरफ्तार हुए हैं और 2250 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है। यह परिवर्तन पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला प्रशासन की समन्वित कार्रवाई का परिणाम है, जिसने मैदान में लगातार दबाव बनाए रखा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर में बढ़ते आत्मसमर्पण से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बलों की रणनीति जमीनी स्तर पर प्रभावी रही है। विकास कार्यों की गति, पुनर्वास योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती ने माओवादी कैडरों में यह विश्वास पैदा किया है कि मुख्यधारा में लौटने पर बेहतर भविष्य संभव है। आत्मसमर्पण करने वाले 37 माओवादी लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और इनमें से कुछ पर गंभीर वारदातों में शामिल होने के आरोप भी रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की पुनर्वास नीति उन्हें समाज में नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बस्तर में अब शांति और विकास की संस्कृति मजबूत हो रही है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, बिजली, इंटरनेट और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि विकास ही स्थायी समाधान है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूना मारगेम, नियद नेल्ला नार और अन्य पुनर्वास नीतियों के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को सुरक्षा, प्रशिक्षण, आजीविका और पुनर्वास की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
सुरक्षा बलों का आकलन है कि लगातार हो रहे आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन की आंतरिक संरचना कमजोर हुई है। संगठन के भीतर अविश्वास बढ़ा है और基层 कैडर में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है। बस्तर में आज का आत्मसमर्पण केवल एक घटना नहीं, बल्कि शांति, विकास और स्थायी स्थिरता की नई शुरुआत का संकेत है। यह कदम छत्तीसगढ़ को नक्सल हिंसा से मुक्त, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




