रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रदेश के 3 नगर निगमों और 43 नगर पालिका परिषदों में संपत्तिकर, समेकितकर, जलकर सहित अन्य करों का ऑफलाइन भुगतान बंद कर दिया है। अब इन निकायों में कर भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों के अधिकारियों को विभाग द्वारा विकसित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टैक्स वसूली शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब नागरिक घर बैठे ही संपत्तिकर और अन्य कर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
विभाग ने बताया कि संपत्तिकर प्रबंधन के लिए कर्मचारियों के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें भुगतान प्राप्त करना, संपत्ति डेटा में आवश्यक संशोधन करना और अन्य प्रशासनिक कार्य करने की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही डैशबोर्ड के माध्यम से शासन और निकायों को टैक्स संग्रहण की सटीक और अद्यतन जानकारी मिलेगी, जिससे कर संग्रहण की रियल टाइम मॉनीटरिंग संभव होगी और निकायों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता मिलेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से इन निकायों में ऑफलाइन संपत्तिकर, समेकितकर और जलकर वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी और सभी भुगतान ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही किए जाएंगे। पहले से बड़े निकायों में ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा उपलब्ध थी।
ऑनलाइन टैक्स जमा करने वाले नगर निगम और नगर पालिकाएँ
भिलाई-चरोदा, धमतरी, बिरगांव नगर निगम, तिल्दा नेवरा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबाहरा, सरायपाली, गोबरानवापारा, अकलतरा, चांपा, दीपका, जांजगीर-नैला, कटघोरा, खरसिया, मुंगेली, रतनपुर, सक्ती, सारंगढ़, तखतपुर, जामुल, कुम्हारी, अहिवारा, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़ेबचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुरचरचा।




