रायपुर। वैवाहिक सीजन और नववर्ष के आगमन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए रायपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। खासकर खोवा, मावा, पनीर और मिठाइयों की बढ़ती मांग के कारण नकली व गुणवत्ताहीन उत्पादों की शिकायतें सामने आ रही थीं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। छत्तीसगढ़ शासन के नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देश पर डेयरी दुकानों, स्वीट्स इकाइयों और पनीर निर्माण संस्थानों का व्यापक निरीक्षण किया गया। मिलावटी या अमानक सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं।
अभियान अभिहित अधिकारी विनोद कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में चला। प्रभारी सहायक आयुक्त डोमेन्द्र ध्रुव तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी एहसान तिग्गा, बृजेन्द्र भारती, सिद्धार्थ पाण्डेय, सतीश कुमार राज, संतोष ध्रुव, रोशनी राजपूत, साधना चंद्राकर एवं नमूना सहायकों की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण किए।
निरीक्षण में कई अनियमितताएं पाई गईं। मेसर्स गोपी डेयरी एंड स्वीट्स, बोरियाखुर्द में अस्वास्थ्यकर स्थिति में मिठाइयों का निर्माण व भंडारण मिला। मौके पर 200 किलो लूज मिठाइयों को नष्ट कराया गया तथा 900 किलो खोवा, कलाकंद और कृष्णा बर्फी जब्त की गई, जिसकी कीमत 1.75 लाख रुपये है।
काशी एग्रो फूड, बीरगांव से 500 किलो एनालॉग कॉटेज पनीर जब्त किया गया, जिसकी कीमत 1.15 लाख रुपये है। एनालॉग पनीर को असली बताकर बेचना स्वास्थ्य के लिए खतरा है। विवान फूड, प्रोफेसर कॉलोनी (मलाशय तालाब के पास) से 500 किलो लूज पनीर जब्त हुआ, जिसकी कीमत 1.50 लाख रुपये है तथा यह गुणवत्ता मानक पर खरा नहीं था।
सबसे बड़ी कार्रवाई एसजे डेयरी, बिलासपुर हाईवे, निमोरा में हुई, जहां से 4450 किलो पैक्ड मिल्की मलाई फेस पनीर और एनालॉग उत्पाद जब्त किए गए, जिसकी कीमत 10.235 लाख रुपये है।
कुल चार प्रतिष्ठानों से 6350 किलो नकली व गुणवत्ताहीन पनीर, खोवा, कलाकंद व मिठाइयां जब्त हुईं, जिनकी बाजार मूल्य 14.635 लाख रुपये है। नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं तथा रिपोर्ट पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
विभाग ने अपील की है कि त्योहारों व शादियों पर मिठाई व डेयरी उत्पाद प्रतिष्ठित दुकानों से खरीदें तथा संदिग्ध उत्पाद की सूचना दें। अभियान आने वाले दिनों में तेज होगा।




