आशीष पदमवार
बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन की जन-जुड़ाव एवं विश्वास पहल के तहत सुरक्षा बलों द्वारा माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विकास, सुरक्षा और आपसी विश्वास को मजबूत करना, ग्रामीणों की समस्याएं जानना और उन्हें माओवादी गतिविधियों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करना है।
जन-संवाद कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों को शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की विस्तृत जानकारी दी। परिवारों और रिश्तेदारों में सक्रिय माओवादी सदस्यों को समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया कि आसपास के जंगलों या मार्गों में किसी भी संदिग्ध वस्तु, व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम थाना या कैंप को दें।
चलित थाना के माध्यम से मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके निराकरण का प्रयास किया गया। इसके साथ ही सायबर जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे एटीएम फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन ठगी के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नए कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
29 नवंबर 2025 को आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम
भैरमगढ़ थाना क्षेत्र – मरकापाल
ईलमिडी थाना क्षेत्र – जिनिप्पा
फरसेगढ़ थाना क्षेत्र – चटपल्ली
मिरतुर थाना क्षेत्र – पाटलीगुड़ा, फुलगट्टा
आवाली थाना क्षेत्र – चेरकडोडी
बासागुड़ा थाना क्षेत्र – तिमापुर कुनबीपारा
तारलागुड़ा थाना क्षेत्र – अन्नाराम
भोपालपटनम थाना क्षेत्र – गंगाराम
तर्रेम थाना क्षेत्र – भटटीगुड़ा
30 नवंबर 2025 को आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम
उसूर थाना क्षेत्र – नड़पल्ली
नैलेमेड थाना क्षेत्र – कडेर
भद्राकाली थाना क्षेत्र – रामपेंटा
सुरक्षा बलों का यह जन-जुड़ाव अभियान ग्रामीणों में भरोसा बढ़ाने के साथ-साथ माओवादी प्रभाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।




