रायपुर। सेंट्रल जेल से कोर्ट तक की दूरी ज्यादा नहीं होती, लेकिन इस बार वही रास्ता दो कैदियों के लिए आज़ादी का दरवाज़ा बन गया। पेशी पर लाए गए दो विचाराधीन कैदी अदालत में हाज़िर होने से पहले ही पुलिसकर्मियों को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गए।
घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक राजेश मारकण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में जेल में बंद थे। दोनों न्यायिक अभिरक्षा में थे और नियमित रूप से पेशी पर लाए जाते थे। लेकिन इस बार जैसे ही जेल से बाहर आने का मौका मिला, उन्होंने मौका ताड़ा और फिसल गए—ऐसे कि साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी।
कुछ देर बाद जब कोर्ट परिसर में दोनों दिखाई नहीं दिए तो पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। पहले आसपास तलाश की गई। गलियारों, सीढ़ियों, परिसर के बाहर तक नजर दौड़ाई गई। लेकिन कोई सुराग नहीं। इसके बाद जेल प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
बताया जा रहा है कि उस समय दोनों कैदी कोर्ट मोहऱिर की अभिरक्षा में थे। सवाल यही है—इतनी कड़ी निगरानी के बीच आखिर चूक कहां हुई?
फिलहाल सिविल लाइन्स पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोनों की तलाश में दबिश दी जा रही है। शहर के आसपास अलर्ट जारी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह सिर्फ लापरवाही थी या योजना बनाकर की गई फरारी? जवाब तलाशा जा रहा है, और दो फरार कैदी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।




