छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राह चलना भारी पड़ गया है। पुरंदर मिश्रा के खिलाफ मंगलवार को भाठागांव में जमकर नारेबाजी की गई है। साथ ही उनका पुतला भी फूंका गया है।
दरअसल, पुरंदर मिश्रा ने रायपुर नगर पालिका निगम की एमआईसी में भाठागांव का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा है। उनके प्रस्ताव के अनुसार भाठागांव का नाम बदलकर ‘अरिहंतपुरम’ करने की इच्छा जाहिर की गई है। इसके बाद से ही भाठागांव की जनता पुरंदर मिश्रा से नाराज है और मंगलवार को नाम बदले जाने के लिए उनका आक्रोश सड़क पर देखने को मिला है।

भाठागांव की जनता ने कल नाम बदले जाने के विरोध में घंटों नारेबाजी की और पुतला दहन करते हुए पुलिस के साथ उनकी झुमाझटकी भी हुई। भाठागांव की जनता ने कहा कि पुरंदर मिश्रा अपने विधानसभा में ध्यान देने के बजाय दूसरे विधानसभा के लोगों की भावना के साथ खेलने का प्रयास कर रहे हैं। पुरंदर मिश्रा को उत्तर की जनता ने क्षेत्र के विकास के लिए चुना है वे अपनी जिम्मेदारी को समझे और उत्तर विधानसभा के हित में काम करें, न कि दूसरे विधानसभा में हस्तक्षेप कर विवाद की स्थिति निर्मित करें।
युवा नेता और जनसेवक ब्रह्म सोनकर ने प्रदर्शन के बाद बताया कि एक व्यक्ति द्वारा जैन समाज की दीक्षा लेने वाले एक व्यक्ति के नाम पर समाज को साधने के लिए पुरंदर मिश्रा हजारों भाठागांव के रहवासियों को आहत करने का प्रयास कर रहे हैं। पुरंदर मिश्रा योगी आदित्यनाथ की राह चलने की कोशिश में है तो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि ये छत्तीसगढ़ है और छत्तीसगढ़ में उत्तर प्रदेश की राजनीति नहीं चलेगी। अगर पुरंदर मिश्रा शासन और प्रशासन से दबाव बनवाकर हमारे क्षेत्र का नाम बदलने की कोशिश करेंगे तो पुरंदर मिश्रा और भाजपा को मुंह के बल गिरना पड़ेगा।




