बालोद। इंस्टाग्राम पर फेमस होने का सपना था। सोचा—चाकू लहराएंगे, गाली देंगे, लोग डरेंगे और फॉलोअर्स बढ़ेंगे। लेकिन स्क्रिप्ट में एक किरदार भूल गए—पुलिस।
गुंडरदेही थाना क्षेत्र में तीन युवक सोशल मीडिया स्टार बनने निकले थे, पर चपरागिरी ऐसी दिखाई कि पुलिस ने उन्हें रियल लाइफ में “मुख्य आरोपी” बना दिया। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में तीनों युवक खुलेआम चाकू लहराते और गाली-गलौच करते नजर आए। मकसद साफ था—डॉन वाली फील और वायरल वाली रील।
वीडियो वायरल हुआ भी…
लेकिन फॉलोअर्स के बीच नहीं, सीधे पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में। जैसे ही वीडियो पुलिस तक पहुंचा, गुंडरदेही थाना हरकत में आया। न लाइक का इंतजार, न कमेंट का। सीधा लोकेशन ट्रैक हुई और तीनों “सोशल मीडिया हीरो” थाने पहुंचा दिए गए।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों युवक सिर्फ इंस्टाग्राम पर फेमस होना चाहते थे। चाकू लहराना उन्हें स्टाइल लगा, गाली देना कंटेंट। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह कंटेंट आर्म्स एक्ट के दायरे में भी आता है।
पकड़े गए युवकों के नाम हैं— लक्की बिझेकर (18), निवासी सितलापारा गुंडरदेही, संस्कार सोनी (23), निवासी कौशल महाविद्यालय के पास गुंडरदेही, और पदुम भारती गोस्वामी (24), निवासी वार्ड क्रमांक 04 गुंडरदेही। तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस का संदेश सीधा है— रील में हीरो बनने की कोशिश मत करो, वरना असल जिंदगी में हथकड़ी पहनकर “वायरल” हो जाओगे। इस बार फेम मिला है…लेकिन इंस्टाग्राम पर नहीं, पुलिस रिकॉर्ड में।




