रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक बार फिर बड़ी हलचल देखी जा रही है। इस घोटाले से जुड़े 23 आरोपी आबकारी अधिकारियों ने ACB/EOW की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई अब 18 जुलाई को होगी।
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गौरतलब है कि यह वही मामला है जिसमें राज्य की शासकीय शराब दुकानों से ‘बी-पार्ट’ के नाम पर अवैध शराब बिक्री का बड़ा खुलासा हुआ था। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी संदेह के घेरे में आए हैं।
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बड़ी कार्रवाई के बाद मची हलचल
इस घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई 10 जुलाई को हुई, जब विभाग ने 29 नामजद अधिकारियों में से 22 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा 7 सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी आरोपियों की सूची में शामिल किया गया है।
ACB/EOW ने सभी आरोपियों को समन जारी कर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। अब कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आदेश दिया है कि 20 अगस्त तक सभी आरोपियों को पेश होना अनिवार्य है, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निलंबित अधिकारियों में शामिल बड़े नाम
निलंबित 22 अधिकारियों में जनार्दन कौरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन शर्मा, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद नेताम, रामकृष्ण मिश्रा, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, मंजुश्री कसेर, सौरभ बख्शी, मोहित जायसवाल, नीतू नोतानी ठाकुर, नोहर सिंह ठाकुर और आशीष कोसम जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
यह घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच और कानूनी प्रक्रिया लगातार जारी है।




