जम्मू/नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है। यात्रा मार्ग पर बचाव अभियान जारी है और आशंका है कि मलबे में अब भी लोग फंसे हो सकते हैं।
बारिश से बढ़ा संकट, कार नदी में गिरी
भूस्खलन के अलावा जम्मू के चनैनी नाला में एक कार गिरने से तीन श्रद्धालु बह गए। इनमें से दो राजस्थान के धौलपुर और एक उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है। रविवार से जारी तेज वर्षा के चलते जम्मू की सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
सड़क और रेल संपर्क बाधित
लगातार बारिश के चलते जम्मू का देश से सड़क और रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया है। मंगलवार रात भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रात 9 बजे के बाद घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी थी। इस बीच तवी, चिनाब और उज्ज नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पुल ध्वस्त, यातायात ठप
जम्मू में तवी नदी पर बने भगवतीनगर पुल की एक लेन धंस गई, जबकि इस नदी पर बने दो अन्य पुलों पर एहतियातन यातायात रोक दिया गया है। कठुआ के पास पुल धंसने से पहले से ही जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित था। अब विजयपुर में एम्स के पास स्थित देविका पुल के क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
सेना ने बचाई लोगों की जान, स्कूल-कॉलेज बंद
सांबा जिले में सेना के जवानों ने नदी में फंसे गुज्जर समुदाय के सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालात को देखते हुए जम्मू संभाग के सभी स्कूल और कॉलेज 27 अगस्त को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।




