Narayanpur Naxal Surrender : नारायणपुर जिले के ताड़मेटला कांड में शामिल खूंखार नक्सली कमांडर अरब समेत चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित इन नक्सलियों पर 32 लाख का ईनाम था। नक्सली कमांडर अरब 50 से अधिक गांवों में पिछले 8 सालों से आतंक का पर्याय रहा है। उसके आत्मसमर्पण से नेलनार और अमदाई एरिया कमेटी के साथ कंपनी 06 के माओवादियों को बड़ा झटका लगा है।
नारायणपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आत्मसमर्पण नीति ‘निया नार निया पुलिस’ ‘हमारा गांव हमारी पुलिस’ अभियान से प्रभावित होकर बड़े कैडर के माओवादी डीव्हीसीएम अरब उर्फ कमलेश, डीवीसीएम हेमलाल सहित पूर्व बस्तर डिवीजन के 2 माओवादियों रंजित पीपीसीएम और काजल पीपीसीएम ने आत्मसमर्पण किया।
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ताड़मेटला घटना में शामिल था अरब
Narayanpur Naxal Surrender : आत्मसमर्पित अरब उर्फ कमलेश (डीव्हीसीएम) माड़ डिवीजन संयुक्त मोर्चा प्रभारी और पूर्व नेलनार एरिया कमेटी प्रभारी व सचिव के पद पर कार्यरत था। वह नेलनार क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में पिछले 8 सालों से आतंक का पर्याय रहा। अरब सुकमा ताड़मेटला घटना 06 अप्रैल 2010, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे उसमें शामिल था।
चारों 40 से ज्यादा छोटी-बड़ी नक्सल घटनाओं में शामिल थे
Narayanpur Naxal Surrender : वहीं आत्मसमर्पित नक्सली डीवीसीएम हेमलाल, अमदई एरिया कमेटी सचिव साल 2021 के बुकिन्नतोर आईडी ब्लास्ट की घटना में शामिल था, जिसमें 05 जवान शहीद हुए थे। आत्मसमर्पित नक्सली अर्जुन उर्फ रंजित 2018 की इरपानार एम्बुश की घटना में शामिल था, जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे। ये चारों आत्मसमर्पित नक्सली जिला नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और सीमावर्ती जिले/राज्य के 40 से अधिक बड़ी और छोटी नक्सल घटनाओं में शामिल थे।




